' राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्‍थान





स्‍वागतम्


राष्ट्रीय संस्थान नीति-निर्माण और शैक्षिक योजना एवं प्रशासन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण, शोध और विकास हेतु कार्यरत है। यह संस्थान शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित है। क्षमता विकास और शैक्षिक नीति, योजना और प्रशासन में सार्वजनिक एजेंसियों को वृत्तिक सहयोग जैसे अन्य कार्यकलापों के अलावा संस्थान शैक्षिक नीति, योजना एवं प्रशासन में एम.फिल. और पीएच.डी. कार्यक्रम के माध्यम से कुशल मेधाओं का निर्माण भी कर रहा है।

इस राष्ट्रीय संस्थान में अत्याधुनिक गं्रथालय है जिसके इष्टतम उपयोग से शैक्षिक नीति, योजना और प्रशासन तथा संबद्ध अन्तःअनुशासनिक विषयों के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक अध्येताओं की आवश्यकताओं को पूरा किया जाता है। ग्रंथालय द्वारा संकाय, शोधकर्त्ताओं, प्रशासकों, नीति-निर्माताओं और अपने अकादमिक प्रयासों में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले व्यक्तियों को कुशल सेवा मुहैया की जाती है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान के ग्रंथागार में 60,000 से अधिक पुस्तकें हैं। यहाँ नियमित रूप से लगभग 240 भारतीय और विदेशी पत्र-पत्रिकाओं को मंगाया जाता है। यह ग्रंथालय पूर्णतः कंप्यूटरीकृत है और यहाँ इन्टरनेट, एरिक और डेलनेट आधारित पुस्तकालयी साधन के माध्यम से सेवा प्रदान की जाती है।

संस्थान के प्रलेखन केन्द्र में शैक्षिक योजना प्रशासन से जुड़े 18,500 से अधिक वॉल्यूम के वृहद और समृद्ध संग्रह उपलब्ध हैं। प्रलेखन केन्द्र आधिकारिक रिपोर्टों, दस्तावेजों एवं अन्य सरकारी प्रकाशनों यथा शासकीय राजपत्रों, जनगणना रिपोर्टों, वर्ल्ड हैंडबुक, शैक्षिक सर्वेक्षणों, पंचवर्षीय योजनाओं आदि का विशिष्ट संग्रह है। यहाँ संस्थान के शैक्षिक योजना और प्रशासन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम (पीजीडेपा) तथा अंतर्राष्ट्रीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम (आईडेपा) के शोध प्रबंध लेखों का वृहत संग्रह उपलब्ध है। यहाँ विशिष्ट डिजीटल अभिलेखागार भी है जिसमें लगभग 10,000 दस्तावेज हैं। यह संस्थान शिक्षण और शोध को बढ़ावा देने के लिए मूलभूत संरचनाओं से युक्त है। यहाँ आधुनिक कक्षाएं, सेमिनार हॉल और इन्टरनेट सुविधायुक्त अत्याधुनिक आईसीटी प्रयोगशाला है।